Nafrat Shayari : दोस्तो जब कपल्स एक दूसरे से मोहब्बत करते है। तो उन्हे सारा जहां जन्नत सा दिखाई देने लगता है। जैसे जैसे समय बीतता है। वैसे वैसे प्यार में भी परिवर्तन की दृष्टि से गुजरता है। इस चेज को कपल्स समझ नही पाते है। जिससे कि उनमे नफरत का उदय होता है। नफरत की आग इंसान के दिल और दिमाग को अंदर ही अंदर खत्म कर देती है।
आज हम आपके सामने Nafrat shayari for boyfriend आपके साथ साझा कर रहे है। हम आशा करते है कि आप सभी दोस्तो को यह नफरत भरी शायरियां दिल को छू जाएगी दोस्तो आप अपने गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड के साथ शेयर कर उन्हे अच्छा महसूस करा पाएंगे।
Nafrat shayari
खामोशी बोलती है आज बहुत ज़ोर से
जुदाई ने तोड़ दिया हमें अंदर से..!!!
मिलना मुक़द्दर में था या नही पता नही
पर बिछड़ना ज़रूर
लिखा था—अब समझ आता है..!!!
एक लम्हे की ख़ामोशी ने
सालों की नज़दीकियाँ तोड़ दीं
ख़फ़ा होकर जो मुंह मोड़ा तुमने
तो आँखों ने चुपके से बातें छोड़ दी..!!!

साँसों की माला में जपता हूँ तेरा नाम
तू ही मेरा इश्क़ है तू ही मेरा इमाम..!!!
नफरत करने लगे हैं अब खुद से भी
जब से तुमने हमें ठुकराया है
जिस दिल में बसते थे कभी तुम
उसी दिल को तुमने रुलाया है..!!!
नफरत का रिश्ता भी अजीब होता है
जिससे होती है उसे भूलना मुश्किल होता है
दिल में दर्द रहता है हर पल
पर नाम वही बार-बार याद आता है..!!!

हमने तो प्यार भी सच्चे दिल से किया था
पर तुमने उस प्यार को नफरत में बदल दिया..!!!

जिनसे थी बेइंतहा मोहब्बत वही अब हम इग्नोर करने लगे है
इसीलिए ये दीवाना हम तुमसे दूर जाने लगा है..!!!

उसकी मोहब्बत के लिए मैंने सब कुछ छोड़ा है
उस जालिम ने मुझे धोखा देकर गमों की
मजेदार में छोड़ा है..!!!

जिसमें मैं बेइंतहा मोहब्बत करती थी
वही शख्स मुझे नफरत
करके किसी और का हो गया..!!!

नफरत की दीवारें इतनी ऊँची हो गई
कि मोहब्बत की आवाज़ अब सुनाई नही देती..!!!

अब हम भी तुमसे इतनी नफरत करने लगे है
जितना तुमने हमें चाहने में वक्त गंवाया था..!!!

तुमसे दूर जाना अब बहुत आसान हो गया है
क्योकि तुमसे ज्यादा हमारी नफरत
ने सुकून दिया है..!!!

तेरी बेवफाई में ना नफरत हुई
और ना ही इश्क खत्म हुआ..!!!

तेरे इश्क में जो दर्द मिला
उससे बड़ी नफरत और क्या मिलेगी?
जिसने दिल को तोड़ा
उसकी याद में बस यही तन्हाई मिलेगी..!!!

जिनसे थी बेइंतहा मोहब्बत उसने ही धोखा दिया है
नफरत की आग लगाकर हमको जुदा किया है..!!!

नफरत का इज़हार भी कभी ज़रूरी होता है
पर इसे दिल में बसने नही देना चाहिए..!!

जब नफरत की आंधी आती है
तो प्यार की चिराग़ जलाना चाहिए..!!

मोहब्बत ने किसको चैन से सोने दिया
इसलिए तो हमने फैसला इश्क
ना करने का लिया.!!
मत किया कर अपने दर्द को
शायरी में बयां ए दिल
लोग ओर टूट जाते है हर लब्ज को
अपनी दास्तान समझ कर..!!

तेरी वफा भी हमें जैसे एक ख्वाब लगती है
तेरे इश्क में मिली ये बर्बादी
भी हमें लाजवाब लगती है.!!
वह कमबख्त मेरे प्यार
को तो क्या मेरी नफरत के
भी काबिल नही था !
Nafrat shayari in hindi

नफरत के एक मिनट में
सालों की मोहब्बत कैसे भूल गए तुम
फरेबी चाहत थी तुम्हे हमसे
इसीलिए तुमसे दूर हो गए हम.!!
यह कैसा धोखा है तुम्हारा
मैं नफरत की आग में जलता हूं
हर रोज तुम्हें याद करता हूं !
नफरत की आग जो तुमने
इस दिल में लगाई है
तुमसे ही नही मोहब्बत
से भी हमें शिकायत हुई है !

घर में तो खुद को
कैद मैंने आज किया है
मैं तब भी तन्हा था
जब भरी महफिल में था.!!
नफरत का वार मुझ पर
ज़ोर से मारना क्योकि
नफरत मुझसे टकराकर
प्यार मे बदल जाती है !
लेकर के मेरा नाम
वो मुझे कोसता है
नफरत ही सही पर
वो मुझे सोचता तो है !
नफरत कर लो पर
इतनी गुंजाइश रखना
कल मेरे मरने पर
कुछ आंसू निकल सके !
Nafrat shayari for girlfriend

तुम्हारी कमी को कोई नही कर सकता पूरी
तुम्हारे बिना तो मेरी जिंदगी भी है अधूरी..!
पहली नजर में जिसको
हमसे मोहब्बत हो गई
अब यह आलम है हमे
उनसे नफरत हो गई !
नफरत करने वालो से भी
प्यार करो तो कोई बात बने
अपने जिंदगी को कुछ यूं
बनाओ तो कोई बात बने !
मिटा देंगे हर नफरत को
इस कदर हर रिश्ता निभाएंगे
अगर खड़ी रहेगी नफरत रास्ते
में तो उसे भी प्यार से मनाएंगे !

तेरी नफरत से भी हमने प्यार किया था
मगर तुमने हमे दर्द और जख्म दिया था..!
इस टूटे दिल मे अब कभी कोई
और नही होगा तुमसे नफ़रत के
बाद अब कोई दिलदार नही होगा !
देख आज मेरा आंसू भी आंखों से
बहता जा रहा है यह तेरी मोहब्बत
की गजल गाए जा रहा है !
कुछ इस अदा से निभाना है
किरदार मेरा मुझको जिन्हे
मुहब्बत ना हो मुझसे वो
नफरत भी ना कर सके !
Nafrat shayari two line

वो मोहब्बत ही क्या जिसमे प्यार ना हो
वो नफरत ही क्या जिसमे तकरार ना हो !
तेरी मोहब्बत से मुझे नफरत हो गई है
इसलिए शराब मेरी जीने की
सहारा बन गई है !
नफरत है मुझे उन बेवफाओं
की महफिल से जहां इश्क की
बात पर दिलों के कत्ल होते हैं !
हम तो चाहते हैं लोग हमसे
नफरत करें क्योंकि मोहब्बत
की लोग शिद्दत से नही करते !
क़त्ल तो लाजिम है इस बेवफा शहर मे
जिसे देखो दिल मे नफरत लिये फिरता है !
उसे प्यार का एहसास दिलाने के लिए
मेरा सब कुछ खो गया पर नफरत तो सिर्फ
दिखाई थी न जाने ब्रेकअप कैसे हो गया !
नफ़रत हो जायेगी तुझे अपने
ही किरदार से अगर मै तेरे ही
अंदाज मे तुझसे बात करुं..!!!
Final words on Nafrat shayari
साथियों आज की हमारी nafrat shayari आपको पढ़ने के लिए कैसी लगी। आप हमें कमेंट करके जरूर बताएं। यदि आपको हमारी यह शायरी पढ़ने के लिए अच्छी लगी। तो आप हमें नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके अपने कीमती सुझाव व सजेशन हमें दे सकते है। हम आपके कीमती सुझाव का इंतजार करते है।