(299)+ Insaniyat Shayari | इंसानियत शायरी हिंदी में {2026}

Insaniyat Shayari in Hindi : नमस्कार दोस्तों आज की पोस्ट में हम आपके लिए लेकर आये है, ऐसी इंसानियत शायरियां जो अन्य किसी भी साइट में पढ़ने को नही मिलेंगी। हमारी इन इंसानियत शायरी की मदद से आप इंसानियत के असली रूप को समझेंगे, जिससे आपके दिल में भी इंसानियत जग जाएगी। तो दोस्तों चलिये बिना देर किए आज की पोस्ट शुरू करते है।

तो इसलिए दोस्तो आज की ब्लॉग पोस्ट मैं हमने आपके लिए Neki par shayari का यूनिक कलेक्शन लेकर आए है इसमें हमने आपके साथ शेयर कर रही है। हम गुजारिश करते है कि आप सभी को ये शायरियां पसंद आएगी और इंसानियत के बारे में आपको सिखाएगी।

Insaniyat shayari

मैंने इंसान के ही हाथो
इंसानियत को मरते देखा है..!!!

इंसान बनो सिर्फ नाम का नही
दिल से मदद करो इनाम का नही..!!!

इंसानियत ही असल पहचान होती है
कपड़ों से नही दिलों से शान होती है..!!!

धर्म, जाति और मज़हब की दीवारें तोड़ दो
इंसानियत के नाम पर सबको जोड़ दो..!!!

इंसानियत दिल में हो तो ही इंसान बनता है
वरना शक्ल से तो हर कोई इंसान दिखता है..!!!

जिसके दिल में इंसानियत जिंदा होती है
उसकी तरक्की और जिंदगी अच्छी होती है..!!!

Insaniyat shayari

जिसने भी इंसानियत को अपना दोस्त बनाया है
उसने ही इस दुनिया को खूबसूरत बनाया है..!!!

इंसानियत अगर दिल में ज़िंदा रहे
तो हर मज़हब से पहले इंसान रहे..!!!

Insaniyat ki sad shayari

ये ज़िंदगी तो दो दिन की है
कुछ कर जाओ
बस दुआओं के नाम का..!!!

जो हाथ किसी की मदद में उठ जाएँ
उन हाथों की दुआ में जान होती है..!!!

Insaniyat or god shayari

इंसान की पहचान सिर्फ लिबास से नही होती
असली खूबसूरती तो उसके एहसास में होती है..!!!

मजहब नही सिखाता आपस में बैर रखना
इंसान तो वही है जो इंसान के काम आए..!!!

Insaniyat shayari for girls

Insaniyat or god par shayari

किराए के घर को अपना मकान समझते है
यह भूत है पत्थर के खुद को इंसान सोचते है.!!!

बड़े ओहदे बड़ी बातें सब बेकार है
जिस दिल में इंसानियत नही वो दीवार है..!!!

Insaniyat k naam par shayari

हर मौसम को मैं बदलते देखा है इसीलिए
यहां इंसानों को फरेब करके देखा है..!!!

Insaniyat ke naam par shayari

आज का इंसान इंसानियत भूल रहा है
मतलब का चेहरा दिखा कर जिंदगी जी रहा है..!!!

Insaniyat shayari status

इंसान का इंसानियत से रिश्ता बड़ा होता है
इसी से जुड़ा इंसान का हर कर्म होता है..!!!

Insaniyat par sad shayari

पहले जमीन बंटी फिर घर भी बंट गया
इंसान अपने आप मे कितना सिमट गया..!!!

Sad Insaniyat Shayari

जनाब अपराध की बस्ती है फरेबियो का जाल है
कैसे बचे इंसानियत यहां तो हर तरफ धोखेबाज है.!!!

Insaniyat shayari9

खोखली बाते और मक्कारिओ का दौर है
इंसानियत और खुद्दारी दम तोड़ के तोड़ चुकी है.!!!

Insaniyat shayari on life

Insaniyat shayari8

कुछ तो मेरे सीने में भी ईमान रहने दो
काफिर नही हूं मैं मुझे तो इंसान ही रहने दो.!!!

Insaniyat shayari1

होठो पर मुस्कान रहे हर दम तेरा ध्यान रहे
जिस दिल में इंसानियत उस दिल में भगवान रहे..!!!

Insaniyat shayari2

मजहब की गुलामी करते-करते
भूल गए हम इंसानियत..!!!

Insaniyat par shayariya

Insaniyat shayari5

क्यो उस नन्ही सी जान
को हलाल करके खाता है
तो इंसान ही है ना क्या
तुझे रहम नही आता है..!!!

शब्दों से बढ़ती है
कागजों की कीमत
परोपकार से बढ़ती है
इंसानियत की कीमत..!!!

Insaniyat shayari3

दुनिया पे ऐसा वक़्त
पड़ेगा कि एक दिन इन्सान
की तलाश मे इन्सान जाएगा..!!!

जिंदगी इंसान से बनाई है
मैने हैसियत से बनाई
होती तो हम भी मशहूर होते..!!!

जिंदगी की वैलिडिटी भले
ही कम हो पर इंसानियत का
बैलेस कभी कम नही होना चाहिए..!!!

इंसानियत की राह पर तुम्हे
चलना होगा ठोकरे खाकर
ही ​भी तुम्हे संभलना होग..!!!

Insaniyat shayari two line

Insaniyat shayari12

निभाते नही है वह लोग
आजकल वरना इंसानियत
से बड़ा कोई रिश्ता नही..!!!

आइना कोई ऐसा बना दे
ऐ खुदा जोइंसान का चेहरा
नही किरदार दिखा दे..!!!

मन की ईर्ष्या हमे
कामयाबी से दूर रखती है
आखिर इंसानियत ही
इंसान को जिंदा रखती है..!!!

इंसानियत की बात तो इतनी है
शैख़ जी बदकिस्मती से
आप भी इन्सान बन गए…!!!


Final words on Insaniyat shayari


आशा करती हूं कि प्रिय पाठकों हमारी आज की ये पोस्ट insaniyat shayari पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। आपकों ये पोस्ट कैसी लगी हमें कमेट करके जरूर बताएं। और दोस्तों वाकई अगर ये पोस्ट आपके दिल को छू गयी है, तो इसे सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करे।