Tanhai shayari : जिंदगी के सफर में कुछ पल ऐसे आते है जब हम तन्हा महसूस करते है ऐसा तभी होता है जब हम किसी से प्रेम करते है और वह प्रेम हमें धोखा देकर हमसे दूर चला जाता है उसकी यादें हमारे दिल और दिमाग पर छाई रहती है अगर आप अकेला और उदास महसूस कर रहे हैं तो आप अपने प्रेमी,दोस्तो आदि को तन्हा शायरी स्टेटस 2 लाइन हिंदी में भेजकर अपनी भावनाओं को व्यक्त कर सकते है।
तो आज की बेहतरीन पोस्ट तन्हा शायरी में हमने आपके लिए एचडी इमेजेस और यूनीक कंटेंट वाली शायरियां प्रस्तुत कर रहे है आप इन शायरियों को पढ़िए हमने आपके लिए Tanhai ki shayari आपके साथ शेयर कर रहे है। हमने इस पोस्ट में तन्हा शायरी को फोटो के साथ भी प्रदान किया है। आप उन्हें डाउनलोड कर सकते है।
Tanhai shayari
तेरी यादे ज़हर सी छाई है
हर पल दिल को सताई है..!!!
हम सच्चे थे, इसलिए अकेले रह गए
मतलबी लोग तो भीड़ में भी खुश रह गए..!!!
मतलबी नहीं थे हम इसलिए हार गए
वरना यहाँ चालाक लोग ही बाज़ी मार गए..!!!
हम सच्चे रहे तो अकेले रह गए
और मतलबी लोग महफ़िलों में चमक गए..!!!

तन्हा रहना तो सीख लिया है वक़्त के साथ
अब किसी की कमी भी तकलीफ़ नही देती..!!!
वक़्त ने सिखा दिया हमें
कौन अपना, कौन पराया है
जो साथ था मतलब तक
वही असली साया है..!!!

भीड़ में भी तन्हा रहने का हुनर रखता हू
सबसे मिलकर भी खुद में सिमट जाने वाला हूँ..!!!

कुछ इस तरह खो गया हूँ तन्हाई में
जैसे कोई ख़्वाब अधूरा रह गया हो सच्चाई में..!!!

थकन टूटन उदासी ऊब तन्हाई अधूरापन
तुम्हारी याद के संग इतना लम्बा कारवाँ क्यूँ है !

ख़्वाब की तरह बिखर जाने को जी चाहता है
ऐसी तन्हाई कि मर जाने को जी चाहता है..!!!

ए मेरे दिल कभी तीसरे की उम्मीद भी ना किया कर
सिर्फ तुम और मैं ही हैं इस दश्त ए तन्हाई में..!!!

रुला देती है तेरी बेवफाई
कभी हँसाती, कभी रुलाती है..!!!

कमल की दुनिया है साहब टाइम किसी के पास
नही लेकिन हर कोई यहां टाइम पास कर रहा है..!!!

मैं अपनी तन्हाई को
सरेआम लिखना चाहती हूं
मेरे महबूब तेरे दिये
जख्म को लिखना चाहती हूं.!!

रास्ते बंट गए मंजिलें
कहीं खो गई
उम्मीदों के समुंदर में
तकदीरे कहीं खो गई..!

तेरा साथ है हमसे कुछ
इस तरह छोड़कर जाना
मानो जैसे नदियो का बिन
पानी के सुखा रह जाना..!

वो पूछते है हमसे
मुश्किले बहुत है
जिंदगी की राहो में
क्या चल पाओगे तुम
कांटो से भरी राहो में..!

जिंदगी का राग पुराना याद आया
आज गुजरा हुआ जमाना याद आया
थम सी गई जिंदगी खयालो की बदहाली मे
वो रंग और गम मुझको दोबारा याद आया..!

गम भी बहुत है जिंदगी में
फिर भी खुश रहने का बहाना चाहिए
यह बड़ी-बड़ी इमारते हमे मत दिखाओ
हमे तो बस गंगा का किनारा चाहिए..!
Tanha shayari
मैं हूँ दिल है तन्हाई है
तुम भी होते अच्छा होता!
मुझे तन्हाई की आदत है
मेरी बात छोडोए तुम बताओ कैसी हो !
ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा
क़ाफ़िला साथ और सफ़र तन्हा!
Tanhai shayari in hindi
किस से कहु अपनी तन्हाई का आलम
लोग चेहरे के हसी देखए बहुत खुश समझते हैं!
कहीं पर शाम ढलती है कहीं पर रात होती है
अकेले गुमसुम रहते हैं न किसी से बात होती है
तुमसे मिलने की आरज़ू दिल बहलने नहीं देती
तन्हाई में आँखों से रुक.रुक के बरसात होती है।
अपने होने का कुछ एहसास न होने से हुआ
ख़ुद से मिलना मिरा इक शख़्स के खोने से हुआ!
खौफ अब खत्म हुआ सबसे जुदा होने का
अपनी तन्हाई में हम अब मसरूफ बहुत रहते हैं
तन्हाई की आग में कहीं जल ही न जाऊँ
के अब तो कोई मेरे आशियाने को बचा ले!
मेरी तन्हाई को मेरा शौक न समझना
बहुत प्यार से दिया है ये तोहफा किसी ने !
Tanhai shayari two line
कोसते रहते हैं अपनी जिंदगी को उम्रभर
भीड़ में हंसते हैं मगर तन्हाई में रोया करते हैं!
मैं तन्हाई को तन्हाई में तन्हा कैसे छोड़ दूँ
इस तन्हाई ने तन्हाई में तनहा मेरा साथ दिए है!
अब इस घर की आबादी मेहमानों पर है
कोई आ जाए तो वक़्त गुज़र जाता है!
इश्क के नशे मे डूबे तो जाना हमने फ़राज़
के दर्द मे तन्हाई नही होती तन्हाई मे दर्द होता हैं!
अब तो याद भी उसकी आती नहीं
कितनी तनहा हो गई तन्हाईयाँ
मुझे तन्हाई की आदत है मेरी बात छोड़ें
ये लीजे आप का घर आ गया है हात छोड़ें!
Tanhai shayari for girl
कांटो सी चुभती है तन्हाई अंगारों सी सुलगती है
तन्हाई कोई आ कर हम दोनों को ज़रा हँसा दे मैं रोती
हूँ तो रोने लगती है तन्हाई!
शाम.ए तन्हाई में इजाफा बेचैनी
एक तेरा ख्याल न जाना एक दूसरा तेरा जवाब न आना!
अब तो उन की याद भी आती नहीं
कितनी तन्हा हो गईं तन्हाइयाँ!
ऐ सनम तू साथ है मेरे मेरी हर तन्हाई में
कोई गम नहीं की तुमने वफ़ा नहीं की
इतना ही बहुत है की तू शामिल है मेरी तबाही में।
इस तरह हम सुकून को महफूज़ कर लेते हैं
जब भी तन्हा होते हैं तुम्हें महसूस कर लेते हैं।
अपने साए से चौंक जाते हैं
उम्र गुज़री है इस क़दर तन्हा!
Main or meri tanhai shayari
अपनी तन्हाई में खलल यूँ डालूँ सारी रात
खुद ही दर पे दस्तक दूँ और खुद ही पूछूं कौन!
यादों में आपके तन्हा बैठे हैं
आपके बिना लबों की हँसी गँवा बैठे हैं
आपकी दुनिया में अँधेरा ना हो
इसलिए खुद का दिल जला बैठे हैं।
इतने घने बादल के पीछे
कितना तन्हा होगा चाँद!
इन उदास कमरों केण्ण् कोनों की गीली तन्हाई
वक़्त की धूप के साथ सूख ही जायेगी!
किसी को प्यार की सच्चाई मार डालेगी
किसी को दर्द की गहराई मार डालेगी
मोहब्बत में बिछड़ के कोई जी नहीं सकता
और बच गया तो उसे तन्हाई मार डालेगी।
ये सर्द रात ये आवारगी ये नींद का बोझ
हम अपने शहर में होते तो घर चले जाते!
Final words on Tanhai shayari
दोस्तों आप सभी का हमारे आज की पोस्ट tanhai shayari पढ़ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद मुझे खुशी होगी कि आपको हमारी आज की शायरी आज की शायरी पढ़ने में पसंद आई होगी यदि आपको हमारी शायरी अच्छी लगी तो आप इन शायरियों को अपने दोस्तों और परिजनों के साथ फेसबुक, व्हाट्सएप, टि्वटर इंस्टाग्राम और पिंटरेस्ट पर शेयर कीजिए आप हमें फॉलो करने के लिए हमारी वेबसाइट शायरी फॉर्म डॉट कॉम के साथ छोड़ सकते हैं।