Nasha Shayari : वेलकम साथियों, मोहब्बत का नशा बड़ा ही मदहोश होता है यहां प्यार करने वालों को एक अलग ही एहसास महसूस करवाता है दोस्तों नशे पर अलग-अलग शायरो ने बहुत सी शायरियाँ लिखी है। नशा कई प्रकार का होता है। नशा मोहब्बत का हो या इश्क का या फिर शराब का ही क्यों न हो, शायरी में ढ़ल जाने के बाद उसके मायने बदल जाते है।
दोस्तों आज की पोस्ट में हम आपके लिये लेकर आये है नशे पर खास शायरियाँ, जिन्हे आप सोशल मीडिया पर शेयर कर सकते है। इसमें हम आपके साथ Nasha shayari for love साझा कर है। हम गुजारिश करते है कि आप सभी दोस्तों को यह शायरियां पसंद आई होगी तो आइए दोस्तों बिना समय गवाएं इन शायरियो को पढ़ना शुरू करते है।
Nasha shayari
इश्क तुम पर आज बेशुमार आया है
न जाने क्यों हमें तेरी चाहत में खुमार आया है..!!!
तेरी आँखों का नशा भी कितना अजीब है
कही दिल पर चढ़ता है, कही रूह को करीब है..!!!
मैंने इश्क़ को पुकारा तो हवाओं ने कहा
ये वही नशा है जो हर धड़कन पर राज़ करता है..!!!
तेरी यादों का भी एक मौसम होता है
जो बरसता है तो दिल भीग जाता है..!!!

यादों में तुम ऐसे बसे हो दिल के पास
जैसे साँसों को हो धड़कन की तलाश..!!!
तेरी आँखों का नशा कुछ ऐसा छाया है
दिल ने हर होश अपना गँवाया है..!!!

तेरी मुस्कान का नशा ऐसा चढ़ा
अब हर घड़ी, हर पल तू ही नज़र आता है..!!!

ये बात नहीं की मै तेरे लायक नहीं
बस तू एक नशा है जो मेरे मजहब में जायज नहीं !!
सुना है तेरी सूरत को देखने वाले
कोई और नशा नहीं करते !!

तेरी मोहब्बत का नशा इस दिल पर छाने लगा है
यह दीवाना अब तेरी मोहब्बत मेरा में लगा है…!!!
अंदाज-ए-बयां में इनके भी गजब का नशा है
तन्हाई से कभी दिल लगा के तो देखिये !!
Nasha shayari in hindi

यह नशा दारू का नही जनाब जो पीकर उतर जाएगा
तेरे इश्क का है जो वक्त के साथ बढ़ता ही जाएगा..!!!
ये दबदबा ये हुकूमत ये नशा ये दौलतें
सब किरायेदार हैं घर बदलते रहते हैं !!

तेरे इश्क का नशा मुझ पर कुछ इस कदर छाया है
तुझे देखने के लिए
ये चांद भी आज जमीन पर आया है..!!
मुझे नशा है तुझे याद करने का और
ये नशा मैं सरे आम करता हू !!

शराब का नशा तो हल्का है उतर जाएगा
पर इश्क का नशा चढ़ा कर देखो
जो वक्त के साथ बढ़ता जाएगा.!!
हम तो समझे थे के बरसात
में बरसेगी शराब
आई बरसात तो बरसात ने
दिल तोड़ दिया !!

अलग ही नशा है तुम्हारी मोहब्बत का
जो वक्त बेवक्त बदलता ही रहता है..!
कुछ तो शराफत सीख
ले ऐ इश्क़ शराब से
बोतल पे लिखा तो होता
है मैं जानलेवा हूँ !!
Nasha shayari two line

तेरे प्यार का नशा इस दिल पर छाया है
तेरी दिलकश अदाओ पर
मेरी धड़कन का साया है..!
नशा था उनके प्यार का
जिसमे हम खो गये
उन्हें भी नहीं पता चला कि कब
हम उनके हो गये !!

भीगी भीगी पलको से
दिल का दर्द चला जाता है
लैला हो या मजनू इश्क
का नशा उतर ही जाता है..!
बदल जाती हो तुम कुछ पल साथ
बिताने के बाद
यह तुम मोहब्बत करती हो या नशा !!

आज उसने अपने हाथ से पिलायी हे यारो
लगता हे आज नशा भी नशे मे हैं !!
हाथों में पत्थर नहीं फिर भी चोट देती है
ये जुबान भी अजीब है अच्छे-अच्छों
के घर तोड़ देती है !!

नशा हम किया करते है इलज़ाम शराब को
दिया करते हैं कसूर शराब का नहीं उनका है जिनका
चेहरा हम जाम में तलाश किया करते हैं !!
नशा पिला के गिराना तो सब को आता है
मज़ा तो तब है कि गिरतों
को थाम ले साक़ी !!
Dosti ka nasha shayari

नशा था उनके प्यार का
जिस में हम खो गए
उन्हें भी नहीं पता चला
कि कब हम उनके हो गए !!
पीने से कर चुका था मैं तौबा मगर जलील
बादल का रंग देख के नीयत बदल गई !!

तेरी दोस्ती एक नशा है
तभी तो सारी दुनियां हमसे खफा है
ना करो हमसे इतनी दोस्ती
कि दिल हमसे पूछे तेरी धड़कन कहाँ है !!
लत तेरी ही लगी है
नशा सरेआम होगा
हर लम्हा मेरी दुश्मनी का
सिर्फ तेरे नाम होगा !!

मयखाने में आऊंगा मगर पिऊंगा
नहीं साकी
ये शराब मेरा गम मिटाने की
औकात नही रखती !
तन्हाईयों के आलम की ना बात करो जनाब
नहीं तो फिर बन उठेगा जाम
और बदनाम होगी शराब !!

हमारा और उनका प्यार तो देखो यारो
कलम से नशा हम करते हैं और
मदहोश वो हों जाते हैं !!
तेरे दीदार का नशा भी अजीब हैं
तू ना दिखे तो दिल तड़पता हैं
और तू दिखे हैं तो
नशा और चढ़ता हैं !!
Pyar ka nasha shayari

एक तेरा ही नशा हमें मात दे गया वरना
मयखाना भी हमारे हाथ जोड़ा करता था !!
इक नशा इक शौक महज
इक बिमारी लग गयी
भूल कर सारी दुनियां मुझको
कलम प्यारी लग गयी !!

मयखाने सजे थे जाम का था दौर
जाम में क्या था ये किसने किया गौर
जाम में गम था मेरे अरमानो का और
सब कह रहे थे एक और एक और !!
न गुल खिले हैं न उन से मिले न मय पी है
अजीब रंग में अब के बहार गुज़री है !!

जिंदगी सुन्दर हैं पर जीना नही आता
हर चीज मे नशा हैं पर पीना नही आता
सब मेरे बगैर जी सकते हैं बस मुझे ही
किसी के बीना जीना नही आता !!
नशा-ए-मय के सिवा
कितने नशे और भी हैं
मेहबूब की आंखें महखाने
से कम थोड़े हैं !!

कुछ नशा तो आपकी बात का है
कुछ नशा तो धीमी बरसात का है
हमें आप यूँ ही शराबी ना कहिये इस दिल
पर असर तो आप से मुलाकात का है !!
ये कैसा नशा है मैं किस
अजब ख़ुमार में हूँ
तू आ के जा भी चुका है
मैं इंतिज़ार में हूँ !!
Nasha shayari for girls

ज़िन्दगी के उलझे सवालो के जवाब ढूंढता हु
कर सके जो दर्द कम वोह नशा ढूंढता हु
वक़्त से मजबूर हालात से लाचार हु मैं
जो देदे जीने का बहाना ऐसी राह ढूंढता हु !!
काग़ज की ये महक ये नशा रूठने को है
आख़िरी सदी है किताबों से इश्क़ की !!
तेरा नाम ही ये दिल रटता है
ना जाने तुम पे ये दिल क्यू मरता है
नशा है तेरे प्यार का इतना
कि तेरी ही याद में ये दिन कटता है !!
नशा मोहब्बत का हो या शराब का
होश दोनों में खो जाता है
फर्क सिर्फ इतना है शराब सुला देती है
और मोहब्बत रुला देती है !!
Nasha shayari for girlfriend
बोतल छुपा दो कफ़न में मेरे
शमशान में पिया करूंगा
जब खुदा मांगेगा हिसाब
तो पैग बना कर दिया करूंगा !!
नशा दौलत का हो या फिर
शोहरात का चूर कर देता हैं
मगर नशा हो अगर मोहब्बत
का तो मजबूर कर देता हैं !!
यहाँ तो मिलता है साकी
वहां न मिला तो हम क्या करेगें
छिपा कर ले चल कफ़न में बोतल
वहां गटा गट पिया करेंगे !!
प्यार का नशा हो या दारू का
नशा मगर चड्ती जरूर है
प्यार धोका दे जाती है साली दारू
कभी धोका नहीं देती !!
Aankhon ka nasha shayari
फकत अगर नशा शराब का होता तो
उतर ही जाता एक दिन
लेकिन ये तो तेरी यादों का नशा
था जो और पुख्ता होता गया !!
या खुदा पीने वालों की बस्ती जुदा होती
जहाँ कानून पिलाई जाती
नहीं पीता तो सजा होती !!
नशा है इश्क़ खता है इश्क़ क्या
करें यारो बड़ा दिलकश है इश्क़ !!
ला पिला शकीया पैमाने के बाद
बात मतलब की कहूँ होश
में आने के बाद !!
Aankhon mein nasha shayari
पी लिया करते हैं जीने
की तमन्ना में कभी
डगमगाना भी जरूरी है
संभलने के लिए !!
इश्क़ का ही तो नशा होता है वर्ना
कौन कमबख्त सुनसान
रास्तो पर मुस्कुराता है !!
न जख्म भरे न शराब सहारा हुई
न वो वापस लौटी न
मोहब्बत दोबारा हुई !!
अगर नशा इश्क़ का हो तो
शराब का क्या काम
मंजिल महबूब का घर हो
दरगाह का क्या काम !!
लड़खड़ाये कदम तो गिरे
उनकी बाँहों मे
आज हमारा पीना ही हमारे
काम आ गया !!
तेरी यादों का नशा है मुझे
चाय की तरह
सुबह सबसे पहले
तेरी ही याद आती हैं !!
नशा छा गया है प्यार का
प्यार चाहता हूँ
इंतजार है तेरी तेरा भी दिल
बेकरार चाहत हूँ !
दौलत जब मिली इंसान को
नशा ग़ुरूर का छा गया
हालात जब मुफलिस हुए देखिए
ख़ुदा याद आ गया !!
मिलावट है तेरे इश्क में
इत्र और शराब की
कभी हम महक जाते हैं
कभी हम बहक जाते हैं !!
कर दो तब्दील अदालतों को मैखाने में
सुना है नशे में कोई झूठ नही बोलता !!
Nasha shayari images
अगर ग़म मोहब्बत पे हाबी न होता
खुदा की कसम मैं शराबी न होता !!
आए थे हँसते खेलते मय-ख़ाने में फ़िराक़
जब पी चुके शराब तो संजीदा हो गए !!
कभी नशा कहा कभी जाम कह दिया
नई शराब मिली तो सलाम कह दिया !!
तुम्हारी आँखों की तौहीन है ज़रा सोचो
तुम्हारा चाहने वाला शराब पीता है !!
इश्क़ से क़ातिल कोईनशा नहीं जनाब
घूँट-घूँट पीते है और कतरा कतरा मरते है !!
मत पूछ उसके मैखाने का पता ऐ साकी
उसके शहर का तो पानी भी नशा देता है !!
Final words on Nasha shayari
आशा करता हूं दोस्तों की आपको हमारी ब्लॉगिंग टीम द्वारा लिखी गई नई पोस्ट नशा शायरी पढ़ने के लिए पसंद आई होगी। यदि ये शायरियां आपको पसंद आई है तो इंन शायरियों को अपने बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड के साथ इन्हें सोशल मीडिया पर शेयर कीजिए। इसी तरह कि नहीं और मजेदार शायरियां सर्च करने के लिए आप हमारी वेबसाइट Shayarifarm.com पर विजिट कीजिए।