Insaniyat Shayari in Hindi : नमस्कार दोस्तों आज की पोस्ट में हम आपके लिए लेकर आये है, ऐसी इंसानियत शायरियां जो अन्य किसी भी साइट में पढ़ने को नही मिलेंगी। हमारी इन इंसानियत शायरी की मदद से आप इंसानियत के असली रूप को समझेंगे, जिससे आपके दिल में भी इंसानियत जग जाएगी। तो दोस्तों चलिये बिना देर किए आज की पोस्ट शुरू करते है।
तो इसलिए दोस्तो आज की ब्लॉग पोस्ट मैं हमने आपके लिए Neki par shayari का यूनिक कलेक्शन लेकर आए है इसमें हमने आपके साथ शेयर कर रही है। हम गुजारिश करते है कि आप सभी को ये शायरियां पसंद आएगी और इंसानियत के बारे में आपको सिखाएगी।
Insaniyat shayari
मैंने इंसान के ही हाथो
इंसानियत को मरते देखा है..!!!
इंसान बनो सिर्फ नाम का नही
दिल से मदद करो इनाम का नही..!!!
इंसानियत ही असल पहचान होती है
कपड़ों से नही दिलों से शान होती है..!!!
धर्म, जाति और मज़हब की दीवारें तोड़ दो
इंसानियत के नाम पर सबको जोड़ दो..!!!
इंसानियत दिल में हो तो ही इंसान बनता है
वरना शक्ल से तो हर कोई इंसान दिखता है..!!!
जिसके दिल में इंसानियत जिंदा होती है
उसकी तरक्की और जिंदगी अच्छी होती है..!!!

जिसने भी इंसानियत को अपना दोस्त बनाया है
उसने ही इस दुनिया को खूबसूरत बनाया है..!!!
इंसानियत अगर दिल में ज़िंदा रहे
तो हर मज़हब से पहले इंसान रहे..!!!

ये ज़िंदगी तो दो दिन की है
कुछ कर जाओ
बस दुआओं के नाम का..!!!
जो हाथ किसी की मदद में उठ जाएँ
उन हाथों की दुआ में जान होती है..!!!

इंसान की पहचान सिर्फ लिबास से नही होती
असली खूबसूरती तो उसके एहसास में होती है..!!!
मजहब नही सिखाता आपस में बैर रखना
इंसान तो वही है जो इंसान के काम आए..!!!
Insaniyat shayari for girls

किराए के घर को अपना मकान समझते है
यह भूत है पत्थर के खुद को इंसान सोचते है.!!!
बड़े ओहदे बड़ी बातें सब बेकार है
जिस दिल में इंसानियत नही वो दीवार है..!!!

हर मौसम को मैं बदलते देखा है इसीलिए
यहां इंसानों को फरेब करके देखा है..!!!

आज का इंसान इंसानियत भूल रहा है
मतलब का चेहरा दिखा कर जिंदगी जी रहा है..!!!

इंसान का इंसानियत से रिश्ता बड़ा होता है
इसी से जुड़ा इंसान का हर कर्म होता है..!!!

पहले जमीन बंटी फिर घर भी बंट गया
इंसान अपने आप मे कितना सिमट गया..!!!

जनाब अपराध की बस्ती है फरेबियो का जाल है
कैसे बचे इंसानियत यहां तो हर तरफ धोखेबाज है.!!!

खोखली बाते और मक्कारिओ का दौर है
इंसानियत और खुद्दारी दम तोड़ के तोड़ चुकी है.!!!
Insaniyat shayari on life

कुछ तो मेरे सीने में भी ईमान रहने दो
काफिर नही हूं मैं मुझे तो इंसान ही रहने दो.!!!

होठो पर मुस्कान रहे हर दम तेरा ध्यान रहे
जिस दिल में इंसानियत उस दिल में भगवान रहे..!!!

मजहब की गुलामी करते-करते
भूल गए हम इंसानियत..!!!
Insaniyat par shayariya

क्यो उस नन्ही सी जान
को हलाल करके खाता है
तो इंसान ही है ना क्या
तुझे रहम नही आता है..!!!
शब्दों से बढ़ती है
कागजों की कीमत
परोपकार से बढ़ती है
इंसानियत की कीमत..!!!

दुनिया पे ऐसा वक़्त
पड़ेगा कि एक दिन इन्सान
की तलाश मे इन्सान जाएगा..!!!
जिंदगी इंसान से बनाई है
मैने हैसियत से बनाई
होती तो हम भी मशहूर होते..!!!
जिंदगी की वैलिडिटी भले
ही कम हो पर इंसानियत का
बैलेस कभी कम नही होना चाहिए..!!!
इंसानियत की राह पर तुम्हे
चलना होगा ठोकरे खाकर
ही भी तुम्हे संभलना होग..!!!
Insaniyat shayari two line

निभाते नही है वह लोग
आजकल वरना इंसानियत
से बड़ा कोई रिश्ता नही..!!!
आइना कोई ऐसा बना दे
ऐ खुदा जोइंसान का चेहरा
नही किरदार दिखा दे..!!!

मन की ईर्ष्या हमे
कामयाबी से दूर रखती है
आखिर इंसानियत ही
इंसान को जिंदा रखती है..!!!
इंसानियत की बात तो इतनी है
शैख़ जी बदकिस्मती से
आप भी इन्सान बन गए…!!!
Final words on Insaniyat shayari
आशा करती हूं कि प्रिय पाठकों हमारी आज की ये पोस्ट insaniyat shayari पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। आपकों ये पोस्ट कैसी लगी हमें कमेट करके जरूर बताएं। और दोस्तों वाकई अगर ये पोस्ट आपके दिल को छू गयी है, तो इसे सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करे।