Intezaar Shayari In Hindi : आज की नई पोस्ट में आपका स्वागत है। दोस्तो, जब भी हम किसी से प्यार करते है। तो कभी-कभी हमें इंतजार करना पड़ता है। और दोस्तो इंतज़ार करने में एक ख़ास बात होती है कि इंतज़ार जितना लंबा होता है। प्यार उतना ही गहरा होता जाता है। जब भी आप किसी का इंतजार कर रहे हो, तो आप हमारी वेबसाइट पर इंतजार शायरी का सबसे अच्छा संग्रह पा सकते है।
आज की ब्लॉग पोस्ट में हमने आपके लिए दोस्तो इंतजार शायरी का विशाल संग्रह आपके सामने प्रस्तुत कर रहे है, इन्हे पढ़िए इसमे हमने Intezar wali shayari आपके साथ साझा किए है। तो आईये दोस्तों आपका इंतजार को खत्म करने के लिए इस यूनिक शायरी को पढ़ाना शुरू करते है।
Intezaar shayari
तेरा इंतज़ार आज भी है मुझे
वक़्त बदल गया पर दिल नहीं..!!!
इंतज़ार की भी अजीब कहानी है
आंखें नम हैं पर उम्मीद बाकी है..!!!
आज चांद को
देखकर ऐसा लगा जैसे
किसी के इंतजार में
खुद को ही भूल गया है वो..!!!
हमने तो उस मोड़ पर भी तेरा इंतज़ार किया
जहाँ कोई आता-जाता भी नही था..!!!

तेरे इंतज़ार में आँखें नम रहती है
तू आए या न आए धड़कनें कम रहती है..!!!

तेरे आने की उम्मीद में हर शाम सजाता हूँ
और हर सुबह उसी उम्मीद को फिर से जगाता हूँ..!!!

सुना है लोग उसे “वक़्त” कहते है
जिसका हम सालों से इंतज़ार कर रहे है..!!!

चाँदनी रातें भी अब अधूरी लगती है
जबसे तेरा इंतज़ार
करने की आदत सी हो गई है..!!!

आज चांद को देखकर ऐसा लगा जैसे
किसी के इंतजार में खुद को ही भूल गया है वो..!!!

तेरे इंतजार में रातें बीत जाती है
आंखों से नींदें नही बस ख्वाब लहराती है..!!!

दिल की हर धड़कन में तेरा नाम समाया है
तेरी एक मुस्कान का इंतजार हर पल पिघलाती है..!!!

मासूम मोहब्बत का बस इतना सा फ़साना है
कागज की कश्ती है और बारिश का जमाना है!

एहसास तेरा कुछ यूं होता है दूर होकर भी
हर पल तू मेरे पास होता है
इश्क की ये कैसे शरारते है कि
इन आंखों में सिर्फ तेरा ही इंतजार होता है.!!

तूने मुझे छोड़ा सच्चे प्यार की तलाश में
मैं आज भी वही खड़ा हूं
तुझसे मिलने की आस में.!!

कोई तन्हा भी इतना है जमाने की भीड़ में
अपने दहलीज पर अपना इंतजार करता है.!!
Intezaar shayari in hindi

वो कहती है कि भुला
देना पुरानी बातो को
अब उन्हे कौन समझाए कि
इश्क कभी पुराना नही होता.!!

यूं पलकें बिछाकर तुम्हारा इंतजार करते है
तेरे लौटने की दुआ रोज हम रब से करते है..!

पलकों तले इंतजार कि
लौ जला रखी है तुम लौट
आओ सनम तुम्हारे इंतजार
में दिल जला बैठी हूं..!
Two line intezaar shayari

पतंग को इश्क हुआ था
खिलाफ-ए-रुख हवा से
अब अंजाम-ए-इश्क तो
तबाही का होना ही था..!
किन लफ्जों में लिखूँ मैं अपने इंतज़ार को तुम्हें
बेजुबां है इश्क़ मेरा ढूँढता है खामोशी से तुझे..!!!
Final words on Intezaar shayari
हमारी पोस्ट intezaar shayari को पढ़ने के लिए धन्याबाद दोस्तो, आशा करते है। जब भी आप किसी का इंतजार कर रहें हो, या किसी के लिए इंतजार शायरी को खोज रहे हों, तो आप हमारी वेबसाइट Shayarifarm.com पर ही विज़िट करेंगे, दोस्तों पोस्ट अगर अच्छी लगी हो तो सोशल मीडिया पर इसे ज़रूर शेयर करे।