Jumma Mubarak Shayari : भारत में कई धर्म के लोग रहते है जिनमें से एक धर्म इस्लामिक भी है। मुस्लिम धर्म में जुम्मा एक महत्वपूर्ण प्रथा होती है। जिसे salat al-jumuah भी बोलते है यह मुस्लिम धर्म की प्रार्थना होती है जो कि शुक्रवार को नमाज के रूप में की जाती है इस दिन को लोग एक दूसरे को जुम्मा मुबारक दुआ देते हैं। और जुम्मा मुबारक अलग-अलग अंदाज में बोलते है। इस्लामिक धर्म ग्रंथों के अनुसार जुम्मे की नमाज अदा करते समय सच्चे मन से की हुई प्रेयर से पूरे विश्व में अमन और शांति की दुआ मांगी जाती है।
इसलिए दोस्तो आज की पोस्ट में हमने आपके लिए jumma mubarak shayari का विशाल संग्रह लेकर आए है। इन्हें पढ़िए और अपनी दुआओं को हम तक पहुंचाएं। इसमें आपके साथ Jumma mubarak shayari two line साझा कर रहे है। तो आइए दोस्तों बिना समय गवाएं इन शायरियो को पढ़ना शुरू करते है।
Jumma mubarak shayari
जुम्मा का दिन है खुशियों की सौगात है
अल्लाह की रहमत का एक प्यारा हक है..!!!
जुम्मा का दिन है दुआओं का साया है
खुदा की रहमतों का प्यारा उपहार आया है..!!!
दुआओं की बरकत हो दिल में सुकून हो
रहमतों की बारिश हो गुनाहों की माफी हो..!!!
अल्लाह की रहमत आप पर बरसे
आपकी हर दुआ कबूल हो जाए
इस मुबारक दिन पर
आपकी हर तमन्ना पूरी हो जाए..!!!

रब करे हर दुआ कबूल हो जाए
तुम्हारे जीवन में
सदा खुशियों का उजाला छाया है..!!!

ए खुदा सदा अपनी रहमत साथ
रख मेरे सर पर हमेशा मेरे
अम्मा और अब्बू का हाथ रख..!!!

जुम्मा की नमाज़ और अल्लाह की दुआ
दिल से निकली ये दुआ आपके लिए
हर दिन हो आपका खुशहाल..!!!

ये खुदा शहर मेरा वीरान पड़ा है इसे आबाद कर दे
जनाब इस जुम्मे पर खुद ईद हो जा
ओर मुझे चांद कर दे..!!

कब से तेरी राह तकते-तकते
मेहमान तेरे घर से चला गया
कैसे इश्क का मसीहा है तू
कोई मायूस होकर तेरे दर से चला गया.!!

आज कितना खूबसूरत
यह दिन आया है
मेरे अपनो के लिए
रमजान की दुआ लाया है..!

इस जुम्मे में आपकी
दुआएं हो जाएगी कबूल
एक बार खुदा के सजदे
में दिल तो लगाओ..!

ए खुदा इस रमजान लोगो
के दिलो में अमन जगा दे
लोगो के दिलो से अहंकार
और क्रोध को मिटा दे..!

आज है रमजान
का आखिरी जुम्मा
अल्लाह हम सब की
दुआएं कुबूल करना..!

कितनी चाहत है तुम्हे
हमसे यह बता देना
और जुम्मा है मेरी जान
मेरे लिए दुआ मांग लेना..!
Jumma mubarak shayari in hindi

नेक नियत से किसी
काम का आगाज करो
फिर मदद करने के लिए फ़रिश्ते
आज होकर बावरा मेरा
मन कुछ करने चला है
डूब कर किसी के प्रेम
मे तन फिर नाचने चला है..!
या रब्बा उनको सदा
लाजवाब रखना
मैं उनसे दूर हूं
उनका ख्याल रखना..!
क्या यह जुर्म या
तकलीफ की बात नही
की ईद आ गई और
उसकी कोई खबर नही..!
तू कुबूल कर मुझे बस
इतनी सी वफा चाहता हूं
इस जुम्मे को तुझसे मैं
निकाह करना चाहता हूं..!
ए खुदा मेरे यार की मांगी
हुई हर दुआ कबूल कर दे
अपनी रहमतो से उसकी
खुशियो की झोली भर दे..!
Shayari on jumma mubarak
दुआ है इस मुबारक
दिन के सजदे में
आपकी हर परेशानी
और मुसीबते दूर हो जाए..!
लोगो पर नही अपने
खुदा पर यकीन है
तभी तो इस रमजान
मेरी हर दुआ कुबूल है..!
कह दो अल्लाह के
सिवा कोई महबूब
नही और जुम्मा से
प्यारा कोई दिन नही..!
Alvida jumma shayari

अपने रब से न
कभी आप शिकायत करे
आज जुम्मा है दिल से
नफरत और फरेब को दूर करे..!
मोहब्बत करने वाले ही
इस जहान में आबाद रहते है
जमाने को गम की
कैद से आजाद करते है..!
आज रमजान ने
भी खूब रंग सजा रखा है
अरे इधर तो आओ यार
नाराजगी में क्या रखा है..!
जिंदगी एक ऐसा सफर है
जो रब से शुरू होकर
रब पर ही खत्म हो जाता है..!
मनवा लेना हर बात आज अपने खुदा से
क्योकि आज बड़ा ही प्यारा दिन है
जुम्मा भी है और रमजान भी..!
लोग जुम्मा पढ़कर रब से
ना जाने क्या-क्या मांगेंगे
हम जुम्मा पढ़कर खुदा से सिर्फ
तुम्हारी सलामती की दुआ मांगेंगे..!
ए खुदा मौका देना मुझे भी
सफर-ऐ- मक्का जाने का
सुना है वहां की गई इबादत से
नए की झलक दिखाई देती है..!
Jumma mubarak shayari image

हर पीड़ा का इलाज
नही होता दवा खाने में
बहुत से दर्द चले जाते है
रब के दर पर सर झुकाने से..!
इस रमजान पर उन
लोगो को भी सुकून अदा
कर जिनके बुरे हाल
आपके सिवा और
कोई नही जानता..!
तेरी मोहब्बत का
मुझ पर यूं असर हुआ है
जुम्मे की नवाज अदा
करने के लिए मैंने
मस्जिद का दरवाजा छुआ है..
तबीयत से पढ़ना अल्फाज
तेरी किस्मत बदल जाएगी
सच्ची याद में रखना उस खुदा को
तो जिंदगी की तस्वीर बदल जाएगी..!
अगर रब ने तमाम
बाते तकदीर में लिखी होती
तो इंसान को इस जमाने में दुआ
मांगने की जरूरत ना होती..!
सारे गिले शिकवे भूलाकर हम
सबसे इबादत-ऐ-सुकून अदा
करते है चलो तबस्सुम सी फज्र
में रमजान मुबारक कहते है
क्या करूं तारीफ
उसकी जो बेमिसाल है
मांगे बिना दे देता है सब कुछ
ऐसा मेरा खुदा मेहरबान है..
तेरी शान में मैं क्या कहूं ख्वाजा
मेरी भी तकदीर सवार दो
अपने दरबार की एक झलक से
मेरी जिंदगी में खुशियां भर दो..!!!
Final words on Jumma mubarak shayari
मेरे प्यारे साथियों आपको हमारी आज की jumma mubarak shayari पढ़ने के लिए आप सभी का हार्दिक धन्यवाद। साथियों आपको हमारी आज की यह पोस्ट पढ़कर कैसी लगी। आप हमें कमेंट करके जरूर बताएं। और इन शायरियों को अपने दोस्तों और परिजनों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर कीजिए।